Bihar Land Documents: जमीन का कागज़ कराना होगा डिजिटल, खतियान से लेकर जमाबंदी तक सब होगा डिजिटल.

Bihar Land Documents: राज्य में जमीन संबंधी दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन का काम अभी चार साल तक और चलेगा। राज्य सरकार ने इस योजना को 2027 तक चलाने की मंजूरी दे दी है। साथ ही, इस अवधि में खर्च होने वाली राशि में राज्य के हिस्से का 97 करोड़ रुपये का भी प्रबंधन कर दिया है।

राज्य में पिछले 10 वर्षों से अभिलेखों की सॉफ्ट कॉपी बनाने की योजना चल रही है, लेकिन 28 दस्तावेजों में मात्र जमाबंदी पंजी का ही डिजिटाइजेशन हो सका है। शेष पुराने दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी बनाने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है।

हालांकि इसी योजना के तहत जमीन के सर्वे का काम भी चल रहा है। साथ ही, सभी अंचलों में अभिलेखागार बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। मगर इस सर्वे से नये दस्तावेज का डिजिटाइजेशन होगा। पुराने दस्तावेजों की प्रक्रिया अभी शुरू की जानी है।

म्यूटेशन का काम ऑनलाइन शुरू हो चुका है: केन्द्र प्रायोजित राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत वर्ष 2012 से दस्तावेजों के आधुनिकीकीरण की प्रक्रिया शुरू हुई है। हालांकि, काम 2015 से ही शुरू हो सका है। अब तक इस योजना की अवधि चार बार बढ़ाई गई।

 

इस बार इसका विस्तार वर्ष 2027 तक के लिए हुआ है। योजना के तहत अंचलों में जमाबंदी पंजी-2 और सर्वे खतियान की स्कैनिंग हो सकी है। राज्य सरकार ने एक अभियान के तहत राज्यभर की जमाबंदी पंजी को डिजिटाइज करवाया है। इससे म्यूटेशन का काम ऑनलाइन शुरू हो गया है। एलपीसी व ऑनलाइन सुधार (परिमार्जन) की सुविधा भी दी जा रही है, लेकिन शेष 28 तरह के दस्तावेजों को डिजिटाइज करना है।

 

300 साल पुराने हो गए हैं विभाग के दस्तावेज: Bihar Land Documents

विभाग के दस्तावेज लगभग 300 साल पुराने हो चुके हैं। लिहाजा इनको सुरक्षित रखना बड़ी समस्या बन गई है। इनके जीर्ण-शीर्ण अवस्था में होने से विवादों को बल मिलता है। लिहाजा अब सभी दस्तावजों की सॉफ्ट कॉपी बनाई जानी है। उन्हें रखने के लिए सभी जिलों में अभिलेख भवन भी बन रहे हैं। यहां दस्तावेजों को रखने की उत्तम व्यवस्था की जा ही है।

इन अभिलेखों की होगी स्कैनिंग एवं डिजिटाइजेशन: Bihar Land Documents

जिन अभिलेखों की स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन होनी है उनमें कैडेस्ट्रल सर्वे खतियान, रिविजनल सर्वे खतियान एवं चकबन्दी खतियान मुख्य हैं। इसके अलावा नामांतरण पंजी, नामांतरण अभिलेख, शुद्धि पत्र की मौजावार रक्षी पंजी, भूमि बंदोबस्त पंजी, भूमि हदबंदी, वासगीत पर्चा एवं सरकारी भूमि से संबंधित पंजी एवं अभिलेख शामिल हैं। ऐसे दस्तावेजों की कुल संख्या- 28 है, जिनका डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग किया जाना है। कुछ अन्य महत्वपूर्ण पंजी में सैरात पंजी एवं अभिलेख, भू-अतिक्रमण वाद पंजी एवं अभिलेख, भू-दान, भूमि लगान निर्धारण एवं बन्दोबस्त पंजी एवं अभिलेख आदि सम्मिलित हैं।

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