Kulhad Making Business: सिर्फ 15,000 में शुरू करें अपना फैक्ट्री, सरकार से बेचे अपना सामान.

Kulhad Making Business: आअगर आप भी नौकरी के अलावा एक्सट्रा इनकम के लिए प्लान बना रहे हैं या कोई बिजनेस (business opportunity) शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो आज हम आपको एक ऐसा बिजनेस आइडिया (Kulhad Making Business) देंगे, जिससे आप हर महीने बंपर कमाई (Kulhad Making Business) सकते हैं। भारत में बड़ी आबादी चाय (Kulhad making business) की शौकीन है। रेलवे स्टेशन, बस डिपो और हवाईअड्डों पर भी कुल्हड़ वाली चाय की मांग रहती है। ऐसे में आप कुल्हड़ बनाने और बेचने का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि ये बिजनेस कैसे शुरू किया जा सकता है।

 

आपको बता दें कि सरकार ने प्लास्टिक बैन (Plastic ban) कर दिया है, ऐसे में कुल्हड़ का कारोबार सक्सेसफुल हो सकता है। इस बिजनेस को करने का सबसे बड़ा फायदा यह भी है कि सरकार इसे बढ़ावा दे रही है। आइए जानते हैं इस कारोबार के बारे में विस्तार से…

Kulhad Making Business कितना प्रोफिटेबल है यह कारोबार?

इस कारोबार में कम खर्च में काफी मुनाफा है। इन दिनों सरकार ने प्लास्टिक को बैन कर दिया है। ऊपर से कुल्हड़ काफी फायदेमंद भी माना जाता। गर्मी हो सर्दी दोनों ही सीजन इसकी डिमांड काफी है। बाजार में कुल्हड़ का उपयोग खासकर चाय से लेकर लस्सी जैसे पेय पदार्थों को सर्व करने के लिए किया जाता है। आजकल पारिवारिक समारोहों, शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रम में भी कुल्हड़ का यूज बढ़ गया है। कुल मिलाकर आप इस व्यवसाय से कम लागत में अच्छा लाभ कमा सकते हैं। इस बिजनेस के जरिए आप रोजाना कम से कम 700 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक कमा सकते हैं। आपको बता दें कि बाजार में अलग-अलग साइज के कुल्हड़ की कीमत अलग-अलग होती है।

Kulhad Making Business कितना खर्च आएगा:

कुल्हड़ का कारोबार शुरू करने के लिए आपको कम से कम 15,000 से 20,000 रुपये का निवेश करना होगा। सबसे अच्छी बात यह है कि आपको पहली बार ही निवेश करना होगा। मशीनरी के अलावा, आपको इस बिजनेस को शुरू करने के लिए कुछ राॅ मैटेरियल माल खरीदना होगा, जो किसी भी बाजार में आसानी से मिल जाती है।

Kulhad Making Business घर से शुरू कर सकते हैं बिजनेस:

मिट्टी के प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन करने के लिए आपको किसी खास जमीन की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन कुल्हड़ बनाने के बाद इसे सूखने के लिए जगह की जरूरत होती है और यही कारण है कि आपको ऐसी जगह की जरूरत होती है जहां आप कच्चे उत्पादों को पूरी तरह से सूखने के लिए धूप में रख सकें। इसके अलावा आपको भट्टी के लिए भी जगह चाहिए ताकि आप अपनी सुविधा के अनुसार कोई भी जगह चुन सकें। इसे आप घर में या अपने छत पर भी कर सकते हैं।

Kulhad Making Business इलेक्ट्रिक चाक उपलब्‍ध कराती है सरकर:

केंद्र सरकार ने कुल्हड़ बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कुम्हार सशक्तीकरण योजना लागू की है। योजना के तहत केंद्र सरकार देशभर के कुम्हारों को बिजली से चलने वाली चाक देती है। वो इससे कुल्हड़ समेत मिट्टी के सभी बर्तन बना सकते हैं। बाद में सरकार कुम्हारों से इन कुल्हड़ को अच्छी कीमत पर खरीद भी लेती है।

Kulhad Making Business कुल्हड़ कारोबार के लिए लाइसेंस:

आपाके बता दें कि लगभग सभी मैन्युफैक्चरिंग कारोबार के लिए आपको भारत सरकार से ऑथोराइज्ड लाइसेंस लेने की जरूरत पड़ती है। आप इस कारोबार के लिए MSME के तहत अपने कारोबार को रजिस्टर्ड भी कर सकते हैं ताकि आपको सरकार से कुछ अतिरिक्त लाभ मिल सकें।

Kulhad Making Business कुल्हड़ बनाने की प्रक्रिया:

  • आपको अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी की व्यवस्था करनी होगी। फिर आप मिट्टी को गेहूं पीसने वाली मशीन में पीस लें। फिर आपको पिसी हुई मिट्टी को कुछ घंटों के लिए छोड़ना है और फिर आपको मिट्टी का आटा बनाने के लिए पानी मिलाना है और आप आटे को अच्छी तरह से गूंथ लें। फिर आपको इसे सांचे में रखना है और फिर रोटेटिंग मशीन की मदद से आकार देना है।
  • एक बार आकार देने के बाद आपको आटे से मिट्टी निकालने की जरूरत है और इसके लिए आपको पाउडर मिट्टी का उपयोग करने की जरूरत है। फिर आपको कच्चे प्रोडक्ट को धूप में रखने की जरूरत है।
  • प्राकृतिक सुखाने की प्रक्रिया के लिए कच्चे उत्पाद को छोड़ने के बाद आपको उत्पाद को मजबूत बनाने के लिए उन्हें भट्टी में रखना होगा।
  • एक बार जब मिट्टी के उत्पाद लाल हो जाते हैं, तो आपको मिट्टी के बर्तनों को भट्टी से निकालना होगा और ठंडा होने के लिए छोड़ना होगा।

Kulhad Making Business कुल्हड़ पैकेजिंग:

बाजार में प्रोडक्ट बेचते समय आपको मिट्टी के बर्तनों को सावधानी से पैक करने की आवश्यकता होती है ताकि वे टूट न जाए। प्रोडक्ट को बाजार में भेजने के लिए आपको विशेष पैकेजिंग बॉक्स खरीदने होंगे। आपको ऐसी पैकिंग खरीदनी होगी जो साॅफ्ट प्रोडक्ट को पैक करने के लिए डिज़ाइन की गई हो।

Kulhad Making Business कितने रुपये में बेच सकते हैं कुल्हड़:

चाय का कुल्हड़ बेहद किफायती होने के साथ-साथ पर्यावरण के लिहाज से भी सुरक्षित होता है। चाय के कुल्हड़ का भाव करीब 50 रुपये सैकड़ा के आसपास रहता है। वहीं, लस्सी के कुल्हड़ की कीमत 150 रुपये सैकड़ा, दूध के कुल्हड़ की कीमत 150 रुपये सैकड़ा और प्याली 100 रुपये सैकड़ा मिल जाती है। त्‍योहारों और शादी के सीजन में इनकी मांग बढ़ जाती है। मांग बढ़ने पर इनके अच्छे भाव मिलने की संभावना है।

Kulhad Making Business हर दिन कितने की होगी बचत:

आज के समय में शहरों में कुल्हड़ वाली चाय की कीमत 15 से 20 रुपये तक होती है। अगर बिजनेस को सही तरीके से चलाया जाए और कुल्हड़ बेचने पर ध्यान दिया जाए तो 1 दिन में 1,000 रुपये के करीब बचत की जा सकती है।

Leave a Reply