Ration Card Big Update: राशन कार्ड से प्राइवेट अस्पताल में मुफ्त होगा इलाज.

Ration Card Big Update: सरकार राशनकार्ड धारी उन परिवारों को भी पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा देने जा रही है, जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दायरे से बाहर हैं। इस मद में खर्च होने वाली राशि राज्य सरकार अपने खजाने से देगी।

 

योजना के तहत नए लाभान्वित होने वाले परिवारों की संख्या 89 लाख है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गुरुवार को विधानसभा में यह घोषणा की। सदन ने ध्वनिमत से स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांग को पारित कर दिया। यह 16 हजार एक सौ 31 करोड़ रुपये का है।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस की खरीद कर रही है। योजना यह है कि जरूरत पड़ने पर ग्रामीण क्षेत्रों में 20 मिनट और शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट के अंदर एंबुलेंस पहुंच जाए। सरकार हरेक अस्पताल में इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड रूम बनाने जा रही है। दवा आपूर्ति प्रबंधन में नया प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए पोस्टल विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। डाक के जरिए दवाओं की आपूर्ति होगी।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विकास हो रहा है। सरकार हरेक जिले में मेडिकल कालेज खोल रही है। अस्पतालों की आधारभूत संरचना का विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि मोतिहारी और मुंगेर के प्रस्तावित मेडिकल कालेज इसी प्रयास की देन हैं।

 

मंगल पांडेय ने सदन को जानकारी दी कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत राज्य के आम नागरिकों को पांच लाख रुपये तक की इलाज की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि 2011 के डाटा के आधार पर अभी इस योजना के तहत जिन परिवारों को लाभ मिल रहा है, वह कुल आबादी के हिसाब से करीब 50 प्रतिशत है। नए डाटा के आधार पर अगर सभी परिवारों को यह सुविधा दी जाए तो कुल परिवारों की संख्या 85 प्रतिशत तक हो जाएगी। नए डाटा के अनुसार करीब 89 लाख नए परिवारों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। इस पर करीब सवा सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

 

गांव तक पैथोलाजी जांच की होगी सुविधा: Ration Card Big Update

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पैथोलाजी जांच सेवा का विस्तार किया जा रहा है। यह मुख्यमंत्री सात निश्चय भाग दो का हिस्सा है। गांव तक पैथोलाजी जांच की सुविधा के लिए जन निजी भागीदारी के तहत जांच केंद्र की स्थापना की जाएगी। राष्ट्रीय उच्च पथ पर सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को तुरंत मदद देने के लिए ट्रामा सेंटर की स्थापना की जा रही है। पहले चरण में ऐसे दस ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाएंगे।