Tarbandi Yojana: खेतों की तारबंदी के लिए सरकार दे रही हैं 48 हजार रुपए, यहाँ करें आवेदन.

Tarbandi Yojana: खेती-किसानी के दौरान किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मौसम की मार से लेकर फसलों में रोग लग जाने जैसी कई समस्याएं किसानों के सामने आती रहती हैं। किसानों को खेतों में खड़ी फसलों पर आवारा पशुओं के हमले से भी बहुत बड़ा खतरा रहता है। इससे किसानों को आर्थिक तौर पर बेहद नुकसान होता है।

पशुओं से होने वाले इस नुकसान से किसानों को बचाने के लिए राजस्थान सरकार किसानों के लिए तारबंदी योजना चलाई जा रही है। जिसमें इस वर्ष कुछ परिवर्तन किए गए हैं। किसान योजना के तहत आवेदन 30 मई से कर सकेंगे।

राजस्थान सरकार किसानों की फसलों को आवारा पशुओं एवं नीलगाय से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए कांटेदार तथा चैनललिंक तारबंदी के लिए 48 हजार रूपये तक का अनुदान देगी। इसके लिए कृषि विभाग ने काश्तकारों से 30 मई, 2022 से ऑनलाईन आवेदन मांगे हैं।

कितना अनुदान (Subsidy) दी जाएगी: Tarbandi Yojana

फसलों को जंगली एवं आवारा पशुओं से नुकसान से बचाने के लिए तारबंदी योजना चलाई जा रही है। जिसमें किसानों को आर्थिक मदद करने के लिए सरकार सहायता देती है। योजना के तहत लघु एवं सीमान्त कृषकों को तारबंदी की लागत का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम राशि 48 हजार रूपये देय होगी। इसके अतिरिक्त 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 8000 रूपये की राशि मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना से भी दी जाएगी । अन्य किसानों को तारबंदी की लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 40 हजार रूपये देय होगा।

खेतों की तारबंदी के लिए योजना: Tarbandi Yojana

सरकार द्वारा राज्य में पहले से ही खेतों की तारबंदी के लिए योजना चलाई जा रही है परंतु इस वर्ष बजट में सरकार ने योजना में परिवर्तन करने की घोषणा की थी। जिसके बाद योजना में परिवर्तन कर लागू किया जा रहा है। आयुक्त कृषि ने बताया कि राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन के तहत इस योजना का लाभ सभी श्रेणी के कृषकों को दिया जायेगा। कृषक अगर व्यक्तिगत आवेदन करता है तो उसके पास कम से कम 1.5 हैक्टेयर भूमि एक ही स्थान पर होनी चाहिए। अगर किसी किसान के पास 1.5 हैक्टेयर से कम भूमि हो तो वह कृषक समूह में आवेदन कर सकता है। इसके लिए कृषक समूह में कम से कम 2 किसानों का होना आवश्यक होगा तथा उनके पास न्यूनतम 1.5 हैक्टेयर जमीन होनी चाहिए।

समूह की भूमि की सीमाएं निर्धारित पेरिफेरी में होनी चाहिए। तारबंदी अनुदान प्रति कृषक 400 रनिंग मीटर की सीमा तक देय होगा, खेत की पेरिफेरी की लम्बाई 400 मीटर से अधिक होने पर कृषक द्वारा स्वयं के स्तर पर तारबंदी की जायेगी तथा आवश्यक क्षेत्र में सम्पूर्ण रूप से तारबंदी होने के उपरान्त ही कृषक को अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जायेगी।

 

किसानों का चयन: Tarbandi Yojana

योजना के तहत जिलों को आवंटित कुल लक्ष्यों में से न्यूनतम 30 प्रतिशत तारबंदी अनुदान कार्यक्रम में लघु एवं सीमान्त श्रेणी कृषकों को लाभान्वित किया जायेगा। आवेदनों का निस्तारण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जायेगा। उन जिलों में जहां लक्ष्य से डेढ़ गुना ज्यादा आवेदन प्राप्त होगें वहां लॉटरी प्रक्रिया के आधार पर आवेदनों का निस्तारण किया जायेगा।

क्या है आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज: Tarbandi Yojana

तारबंदी योजना के आवेदन के लिए कुछ दस्तावेज अपने पास रखना ज़रूरी होगा। आवेदन करने कि बाद यदि किसान का चयन होता है तो कृषि विभाग द्वारा दस्तावेज़ों का सत्यापन भी किया जाएगा। किसान आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज अपने पास रखें:

  • आधार कार्ड,
  • जमाबंदी की नकल देनी होगी जो 6 माह से अधिक पुरानी न हो,
  • बैंक पासबुक की प्रति,
  • जाति प्रमाण पत्र।

यहाँ करें आवेदन: Tarbandi Yojana

राज्य के किसान योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। किसान यह आवेदन स्वयं या नज़दीकी ई-मित्र (https://emitra.rajasthan.gov.in/content/emitra/en/home.html) या की राजकिसान साथी पोर्टल (https://rajkisan.rajasthan.gov.in/Rajkisanweb/Kisan) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा किसान राज किसान साथी पोर्टल से भी आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान तारबंदी अनुदान योजना के सम्बन्ध में अन्य जानकारी के लिए निकटतम कृषि कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं। साथ ही राज किसान साथी हेल्प लाईन नम्बर – 0141-2927047 या किसान कॉल सेन्टर के निःशुल्क दूरभाष नम्बर 18001801551 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अन्य राज्यों में भी लागू है ऐसी योजना: Tarbandi Yojana

बता दें कि राजस्थान के अलावा अन्य कई राज्य भी किसानों को तारबंदी कराने पर सब्सिडी देते हैं. तारबंदी कराने का सबसे मुख्य फायदा ये है कि एक तो आपकी फसल जानवरों से बची रहती है. दूसरा खेतों की सीमा को लेकर किसानों के बीच होने वाले विवाद भी कम हो जाते हैं. राजस्थान तारबंदी योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए किसान राजस्थान सरकार की राजकिसान साथी पोर्टल भी विजिट कर सकते हैं.